This is episode 14 of 50 of महा-सेनापति का गुस्सा. Play it below, then continue straight into the next episode — the whole season is free and needs no account.
Opening of the season — the setup and the first turn.
दायोंग साम्राज्य के स्वर्ग-नीति महा-सेनापति लू चेन युद्ध और दरबारी साज़िशों से ऊबकर चुपचाप पद छोड़ घर लौटता है। वह माँ-बड़े भाई को शांत जीवन देना चाहता है, पर शेन आओ गुंडों संग लू परिवार का घर तोड़ता-पीटता है और भाई को रौंदता है। लू चेन का सब्र टूटता है, वह शेन आओ को बुरी तरह घायल कर देता है। बदले में शेन जिए, रक्तधार सेना का सेंचुरियन, काउंटी मजिस्ट्रेट से मिलकर लू चेन पर निजी सज़ा थोपने चलता है—उसे पता नहीं कि वही रक्तधार सेना का सर्वोच्च सेनापति है। तभी उसकी पहचान खुल जाती है।